मंदसौर
मंदसौर(NEWS UPDATE): प्रदेश में मिलावट का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा, आज इसी कहर की चपेट में 14 मासूम बच्चों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
जिले के गरोठ क्षेत्र में एक गांवों में मटका कुल्फी (Matka Kulfi) खाने की वजह से एक साथ 14 बच्चे बीमार पड़ गए। बताया जा रहा है कि बच्चों के मुंह से झाग भी निकला जिसके बाद रात में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले को एक महीने पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की एक कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक महीने पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने की थी कार्रवाई
कोटड़ा बुजुर्ग सहित आसपास गांवों में मटका कुल्फी खाने की वजह से 12 से 14 बच्चों के बीमार होने के बाद हंडक़प मच गया। कोटड़ा बुजुर्ग में एक माह पहले नकली दूध की फैक्ट्री पकड़ाई थी। उसी दूध से आइसक्रीम बनने की आशंका जताई जा रही है। फैक्ट्री पकड़ाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जो नमूने लिए उसकी रिपोर्ट के इंतजार में अब तक एफआइआर तक दर्ज नहीं की गई। आइसक्रीम खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त व पेट दर्द के साथ मुंह से झाग आने की शिकायत हुई तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
बच्चों के मुंह से निकला झाग
जानकारी के अनुसार बोलिया क्षेत्र से गांवों में राधिका आइसक्रीम नाम की गाड़ी लेकर प्रकाश सोनी द्वारा मटका कुल्फी एवं आइसक्रीम बेची जा रही थी। आइसक्रीम खाने के बाद कई बच्चों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द तथा मुंह से झाग आने की शिकायत आने लगी। कई बच्चों की तबीयत बिगडऩे पर ग्रामीणों ने उन्हें राजस्थान के भवानीमंडी के निजी अस्पताल नवजीवन एवं मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचाया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार कोटड़ा खुर्द के 5 एवं कोटड़ाबुजुर्ग के 7 बच्चों की तबीयत खराब हुई थी। डॉक्टरो की प्रारंभिक जांच में दूषित आइसक्रीम को बीमारी का संभावित कारण माना जा रहा है।
घर-घर कराया जा रहा सर्वे
घटना की सूचना मिलते ही गरोठ बीएमओ डॉ दरबारसिंह चौहान, नायब तहसीलदार अस्पताल पहुंचे और भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान भैंसोंदा चौकी प्रभारी धर्मेश यादव भी मौके पर मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आसपास के गांवों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर सर्वे कराया जा रहा है।
खाद्य टीम को दी गई जानकारी- बीएमओ
भवानीमंडी अस्पताल में भर्ती सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं और सभी को छुट्टी दे दी गई है। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में लगातार सर्वे कर रही है। वही खाद्य विभाग टीम को अवगत करवा दिया गया है।-डॉ. दरबार सिंह चौहान, बीएमओ गरोठ
