ग्वालियर
ग्वालियर शहर की हालत बेहद चिंताजनक
ग्वालियर (हृदय स्तंभ /HRIDAY STAMBH): ग्वालियर कभी अपनी खूबसूरती के लिए मिसाल था, लेकिन आज जो मैंने देखा वह बेहद चिंताजनक और दुखद है।” यह शब्द मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन के ACS संजय दुबे के हैं, जिन्होंने शहर के विकास कार्यों की ‘पोस्टमार्टम’ रिपोर्ट खुद सड़कों पर उतरकर तैयार की। स्वर्ण रेखा नदी के प्रोजेक्ट में बरती गई लापरवाही और एलिवेटेड रोड के निर्माण में कछुआ चाल ने साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुँचा दिया।
ग्वालियर पहुंचकर शहर के विकास कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कई परियोजनाओं की स्थिति को “पोस्टमार्टम रिपोर्ट” जैसा बताया।
सबसे ज्यादा नाराजगी स्वर्ण रेखा नदी परियोजना को लेकर देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान ACS ने साफ कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना में गंभीर लापरवाही बरती गई है। नदी के सौंदर्यीकरण और सफाई कार्यों की धीमी गति तथा अधूरे निर्माण पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया।
वहीं शहर की महत्वाकांक्षी एलिवेटेड रोड परियोजना की सुस्त रफ्तार पर भी ACS का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों में “कछुआ चाल” अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अव्यवस्था, अधूरी सड़कें और निर्माण सामग्री फैली मिलने पर ACS ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शहर की जनता विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम चाहती है।
ACS संजय दुबे के इस सख्त रवैये के बाद नगर निगम और संबंधित विभागों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में लापरवाह अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
