13 राज्यों में भारी बारिश, ओला और आंधी का अलर्ट, मौसम का बदला मिजाज

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नई दिल्ली

अप्रैल के महीने में देश भर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां इस समय चिलचिलाती धूप और लू का प्रकोप होता था, वहीं इस बार दिल्ली-एनसीआर से लेकर कोलकाता और भोपाल से लेकर जयपुर तक आसमान में बादलों का डेरा है। तेज हवाएं, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने न केवल तापमान को गिरा दिया है, बल्कि एक बड़े मौसमी बदलाव की ओर इशारा किया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश के 13 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में कोई एक चक्रवाती तूफान सक्रिय नहीं है, बल्कि कई मौसमी प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। उत्तर-पश्चिम से आ रहे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली समुद्री नमी के आपस में टकराने से वातावरण में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है। इसी टकराव के कारण अचानक गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं। 11 अप्रैल के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जो मौजूदा स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकता है। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 10 और 11 अप्रैल को 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़ और मथुरा जैसे क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित किया है। बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां दरभंगा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में वज्रपात का खतरा बना हुआ है।
मध्य भारत और राजस्थान में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर साफ दिख रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल और ग्वालियर संभागों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश का दौर जारी है। राजस्थान के जयपुर और बीकानेर में अगले 24 घंटों के लिए ओलावृष्टि का अलर्ट है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट से आम जनता को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन यह बदलाव किसानों के लिए आफत बनकर आया है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं और रबी की अन्य फसलें ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण बिछ गई हैं, जिससे भारी नुकसान की आशंका है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। आने वाले तीन से चार दिन देश के बड़े हिस्से के लिए मौसम के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील रहने वाले हैं।

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