श्योपुर
ग्राम ददूनी के 56 वर्षीय ओमप्रकाश (ओपी) मेहरा ने बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी को अपनी पत्नी मानकर आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया है। चार दशक बाद भी उनका यह संकल्प अडिग है। वे हर साल 24 परवरी को श्रीदेवी की पुण्यतिथि मनाते हैं।
ओमप्रकाश मेहरा के अनुसार, वर्ष 1986 में श्रीदेवी की फिल्म ‘जस्टिस चौधरी’ देखने के बाद वे उनके व्यक्तित्व और अभिनय के कायल हो गए थे। उन्होंने इस फिल्म को एक महीने तक लगातार सिनेमाघर में देखा। इसके बाद उन्होंने श्रीदेवी की ‘नगीना’, ‘हिम्मतवाला’ और ‘खुदा गवाह’ जैसी अन्य फिल्में भी कई बार देखीं। उनके कमरे में लंबे समय तक श्रीदेवी के पोस्टर लगे रहते थे।
मेहरा बताते हैं, “मैंने मन ही मन श्रीदेवी को अपनी पत्नी मान लिया था। जब उनकी शादी की खबर सुनी तो मुझे बहुत दुख हुआ। उसी दिन मैंने संकल्प लिया कि अब जीवन में कभी विवाह नहीं करूंगा।” उनके परिवार, जिसमें पिता जयलाल मेहरा, माता तुलसा बाई मेहरा, पांच बहनें और तीन भाई शामिल हैं, ने उन्हें कई बार समझाने और शादी के रिश्ते बताने की कोशिश की, लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग रहे। उनका जवाब हमेशा एक ही रहा—”शादी करूंगा तो सिर्फ श्रीदेवी से, नहीं तो कभी नहीं।”
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पोस्टर के लिए नदी में कूद गए थे
ग्रामीणों के अनुसार, ओमप्रकाश की दीवानगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बार वे श्रीदेवी का पोस्टर लेने के लिए नहर में कूद पड़े थे। गांव में उनकी यह लगन आज भी चर्चा का विषय बनी रहती है।
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मौत के बाद कराया था मुंडन
साल 2018 में श्रीदेवी के निधन के बाद ओमप्रकाश मेहरा ने मुंडन कराकर श्रद्धांजलि दी और कन्या भोज भी कराया। तभी से वे हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाते आ रहे हैं। हाल ही में मंगलवार को सोईंकला स्थित बिजासन माता मंदिर में उन्होंने श्रीदेवी की 9वीं पुण्यतिथि मनाई, जहां पूजा-अर्चना कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
